Обложка трека Main Hoon Raat Ki — Bappi Lahiri
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Bappi Lahiri Main Hoon Raat Ki

Альбом · Isi Ka Naam Zindagi · 1992

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Текст песни

रात की हूँ रानी
रात की हूँ रानी मेरी
जालिम हैं जवानी
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
रात की हूँ रानी मेरी
जालिम हैं जवानी
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
हुस्न की है मेरी खूबी
मुझे आँख जमाना मारे
मुझपे हो गये दीवाने
ना जाने कितने सारे
किसी का दिल ना जले
खुशी में फूले फले
ज़िंदगी में ना हो घाम
मस्ती में पाले
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
रात की हूँ रानी
मेरी ज़ालिम हैं जवानी
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
हाथो का जाम च्चालकता
कोई चाहे मुजको च्छुना
जब हाथ नही मैं आती
हो जाता हैं नासा दूना
फिर वो खूब पिए
बिना कोई बात किए
मुजपे मरके भी वो
मेरे खातिर ही जिए
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
रात की हूँ रानी मेरी
जालिम है जवानी
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
मैं झूम के लेती हूँ
अंगड़ाई जब मस्तानी
हर कोई ये कहता हैं
मैं हूँ उसकी दिलजानी
ऐसे दिलवाले जबही
मिल जाते हैं कभी
मान के फूल
मेरे खिल जाते हैं कभी
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
रात की हूँ रानी मेरी
जालिम है जवानी
जब मैं आती छम से
छम से छम से
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी
महफ़िल हो जाती हैं दीवानी

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