Текст песни

[मुखड़ा]
गंगा किनारे भोर
गंगा किनारे
शांत चित्त शोर
मन में डोले

[अंतरा 1]
कौन बजाए बांसुरी
कौन
कौन सितार की धुन
अनमोल

[कोरस]
बनारस की सुबह
बनारस
धीरे धीरे सब कुछ
बनारस

[अंतरा 2]
तानपुरा बजे धीरे
बजे
सुबह सवेरे
सजे

[पुल]
क्या मैं सुनूं
क्या देखूं
गंगा मैया में
क्या मैं लिखूं

[कोरस]
बनारस की सुबह
बनारस
धीरे धीरे सब कुछ
बनारस

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