Текст песни
नयनों में तेरा स्वप्न सजा, जैसे मन्दिर में दीप जले,साँसों में तेरी गंध बसी, जैसे चंदन बन में मले।मैं सरिता तू सागर मेरा, तुझमें मिलने को आतुर हूँ,मैं रागिनी तू राग मेरा, मैं तेरी धुन में व्याकुल ह
पायल की झंकार कहे, बस तेरा ही नाम पिया,इस तन की हर धड़कन ने, सर्वस्व तुझे अर्पण किया।जैसे मयूर नाचे देख घटा, मैं देखूँ तेरी राहों को,कब थामोगे तुम आकर, इन तरसी हुई बाहों क
भले काल की गति बदले, या बदले जग की रीत यहाँ,पर आदि-अनंत तक गूँजेगी, मेरी प्रीत की ये पुकार यहाँ।तुम देव मेरे, मैं दासी तेरी, चरणों की धूल ही काफी है,इस प्रेम डगर पर चलने को, तेरी एक नज़र ही काफी ह
नयनों में तेरा स्वप्न सजा, जैसे मन्दिर में दीप जल
नयनों में तेरा स्वप्न सजा, जैसे मन्दिर में दीप जले,साँसों में तेरी गंध बसी, जैसे चंदन बन में मले।मैं सरिता तू सागर मेरा, तुझमें मिलने को आतुर हूँ,मैं रागिनी तू राग मेरा, मैं तेरी धुन में व्याकुल ह
पायल की झंकार कहे, बस तेरा ही नाम पिया,इस तन की हर धड़कन ने, सर्वस्व तुझे अर्पण किया।जैसे मयूर नाचे देख घटा, मैं देखूँ तेरी राहों को,कब थामोगे तुम आकर, इन तरसी हुई बाहों क