Текст песни
शहर ने झाड़ी है सर्दी की धूल
बर्फ़ का चादर दिया है उसूल
हवा है ऐसी, जैसे जग भूल गया
कि होती बारिशें, मौसम है सो गया
खिड़की खोली, तो रौशनी आई
जैसे नदी ने हर बाधा हटाई
मेरे हर एक सवाल का एक ही जवाब है
जो तेरी नज़रों में खिलता गुलाब है
जागी सी गलियों में हर एक क़दम
कोई भी राही जो देखे है ग़म
यूँ मुस्कुराए, समझ गया हो जैसे
“ये सिर्फ़ बहार नहीं, इश्क़ आया है ऐसे!”
तेरी ज़ुल्फ़ों में सूरज उलझ सा गया है
और आँखों में गुलशन महक सा रहा है
ये दुनिया खिड़की पे दस्तक दे रही
पुराने ज़ख़्मों को मरहम दे रही
हम साँसें लेते हैं इस खुशी में
नीले, गहरे बसंती इस रुत में
मेरा दिल मिल गया तेरे दिल में अचानक
अब मैं हूँ बस तेरा, रहूँगा हमेशा तक
याद है बर्फ़ में हम कैसे चलते थे?
एक-दूजे की जेबों में हाथ मलते थे
हमने वो चाहत दिलों में बचाई
और तूफ़ानों से होकर यहाँ तक लाई
अब देखो चारों तरफ़ है बहार
हर एक पत्ता, पंछी करे प्यार
कितना आसाँ, पाक और रौशन है सब
कि इस जादू से डरना नहीं है अब
जागी सी गलियों में हर एक क़दम
कोई भी राahi जो देखे है ग़म
यूँ मुस्कुराए, समझ गया हो जैसे
“ये सिर्फ़ बहार नहीं, इश्क़ आया है ऐसे!”
तेरी ज़ुल्फ़ों में सूरज उलझ सा गया है
और आँखों में गुलशन महक सा रहा है
ये दुनिया खिड़की पे दस्तक दे रही
पुराने ज़ख़्मों को मरहम दे रही
हम साँसें लेते हैं इस खुशी में
नीले, गहरे बसंती इस रुत में
मेरा दिल मिल गया तेरे दिल में अचानक
अब मैं हूँ बस तेरा, रहूँगा हमेशा तक
साल उड़ जाएँ, बदले ज़माना
बहें सड़कों पे नदियाँ... सुहाना
हमारी चाहत का ये नाज़ुक सा सुर
रहेगा दिल में हमेशा भरपूर
ये गूँजेगा
तेरी ज़ुल्फ़ों में सूरज उलझ सा गया है!
और आँखों में गुलशन महक सा रहा है!
ये दुनिया खिड़की पे दस्तक दे रही
पुराने ज़ख़्मों को मरहम दे रही!
हम साँसें लेते हैं बस इस खुशी में
नीले, गहरे बसंती इस रुत में!
मेरा दिल मिल गया तेरे दिल में अचानक
अब मैं हूँ साथ तेरे, रहूँगा हमेशा तक!
बहार
और मैं तेरे संग
बस तेरा