Текст песни
Verse
के तू जाने, दिल न जाने , रूह न जाने
तू मेरी यादों में बस्सी बस रब्ब न माने
दुनिया के सूने हमने सारे तान्हे…
मिलने तू आजा किसी बहाने
काहे तू मुझे छोड़ गई ..
दिल से थी उसको दुआ , वो ग़ैरों का क्यूँ हुआ ..
लाग़ी किसकी बद्दूआ, उसको जिसने भी है छुआ
आग सीने तो , जीते जी दे वयोग गई
के तू जाने, दिल न जाने , रूह न जाने
काहे वो दे रोग गई …..!!!
verse २
रोहतक की गलियों से रो रो के निकला था
आँधी बेवफ़ा थी उसकी,तूफ़ानो में बुझ रा था
मुफ़लिसी वज़ह थी मेरी, उसका चल रा मुझरा था
शंभु तू पास बुलाले, और कुछ ना सूझ रा था
काहे झूठे वादों की सेज , मन्ने कर मौण गई
के तू जाने, दिल न जाने , रूह न जाने
काहे वो दे रोग गई …..!!!
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